ग़ज़ल/गीत

आंसू एक न रोने देना मेरे बाद उसे।
तनहा भी मत होने देना मेरे बाद उसे।।
मेरे बाद हमारी यादें  मिलने आएँगी
यादों में मत खोने देना मेरे बाद उसे ।।
थोड़ी जिम्मेदारी हमपर अब भी बाकी है
उनका बोझ न ढोने देना मेरे बाद उसे।।
मेरे रहते आंसू उसके गाल न छू पाये
तुम दामन न भिगोने देना मेरे बाद उसे।।
वो घबरा जाती है अब भी तनहा होने पर
ये एहसास न होने देना मेरे बाद उसे ।।
ये सन्देश हृदय में रखना मत  बिसरा देना
तब कुछ और अधिक संजोना मेरे बाद उसे।।

Comments

Popular posts from this blog

रेप और बलात्कार

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील