भोजपुरी

उ गोड़ उठा के मुतेलन।
एसे बड़ मनई कहावेलन।।

बेटी पतोहि के बुझत बा
जब महतारी ना बुझेलन।।

के कहे बुढ़ौती आय गईल
उ दउड़ के पाला बदलेलन।।

पहिले रहले जउने दल में
अब ओही के गरियावेलन।।

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