मानी या बेमानी होना
है तो कवि की बानी होना

मेरा हाल न पूछे कोई
भाता नहीं कहानी होना

मुझे गुलाम बनाया किसने
उनका दिल की रानी होना

मेरा उनका टकरा जाना
उनका पानी पानी होना

कल कोई कैसे मानेगा
कोई एक निशानी हो ना

नया किसे स्वीकार नही है
है तो बात पुरानी होना

दिल से दिल की बात करो कुछ
सुनने में आसानी हो ना

एक बार तो चल जाता है
बार बार नादानी हो ना

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