इस बार होली हम  शहर में मनाएंगे
गांव में धरा क्या है गांव नहीं जायेंगे।।

गाड़ियों में भीड़ है बढ़ा है किराया भी
वैसे ही गांव हमें रास कहाँ आया भी

अपनापन रहा नहीं किसके लिए जायेंगे।।
इस बार होली हम शहर में मनाएंगे।।

गांवों में नात हित पट्टीदार आएंगे
सबके लिए कहा से इतना जुटाएंगे

शहर में हम तीनचार ही  मनाएंगे।।
इस बार होली हम शहर में मनाएंगे।।

गुझिया से मेवे से शूगर ही बढ़ता है
तेल चिप्स पापड़ से मोटापा बढ़ता है

शुगर फ्री गुझिया बाज़ार से ले आएंगे।।
 इस बार होली हम शहर में मनायेंगे।।

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