वो जिनके तीर से बिस्मिल हुआ हूँ।
उन्ही नज़रों का मैं कायल हुआ हूँ
वो उनका देखना नजरें झुकाकर
पशेमाँ मैं सरे-महफ़िल हुआ हूँ।।
मैं जब से मैकदे जाने लगा हूँ
सभी कहते हैं अब काबिल हुआ हूँ।।
मुझे लगता है खुद को खो चुका हूँ
तुम्हे लगता हैं मैं हासिल हुआ हूँ।।

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