न समझो कि हम बेअसर हो गए हैं।

कभी छिपकली थे मगर हो गए है।
विधायक के हम नाइबर हो गए हैं।।
कातिलों के मुहल्ले में घर क्या लिया
शहर के बड़े नामवर हो गए हैं।
मरने से डरते थे अब ये है आलम
पुलिस हिस्टरी में अमर हो गए हैं।
कवि सम्मेलनों में हैं चर्चे हमारे
बहुत महंगे हम नगमागर हो गए हैं।
इधर थे अभी अब उधर हो गए हैं
न समझो कि हम बेअसर हो गए हैं।

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