पूजा पाठ की बात दूसर है।

देवी को पूजा 
उनकी मूर्ति के पैर छुए
कन्या पूजीं
सब कन्याओं के पाँव धुले
चमारिन की बिटिया को छोड़कर।
और गुप्ताइन को ?
नहीं बुलाया
उसके घर कोई आता है
सुना है धन्धा?
राम राम!!!!!!
मालूम है
देवी की मूर्ति में
वेश्या के घर की धूल
मिलायी जाती है।
तुम भी कैसी बात करती हो?
पूजा पाठ की बात दूसर है।

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