काफी सोच समझकर लिखिए।

काफी सोच समझकर लिखिए।
जो लिखिए डर डर कर लिखिए।।
सच लिखना इक बीमारी है
बीमारी से बचकर लिखिए।।
बाबा जादू टोना लिखिए
ओझा जन्तर मन्तर  लिखिए।।
माना कि सरकार बुरे हैं
फिर भी हद के अन्दर लिखिए।।
इन सबसे मन भर जाए तो
गइया लिखिए गोबर लिखिये।।

Comments

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 22 जुलाई 2017 को लिंक की जाएगी ....
    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
    

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  2. वाह क्या बात है धारदार व्यंग्य

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