यूँ भी आतिश पनाह होना है।

एक दिन सब तबाह होना है।।

हुस्न काजल की कोठरी ठहरा

साफ दामन सियाह होना है।।

एक दिन जब ख़ुदा नवाजेगा

और घर ख़ानक़ाह होना है।।

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