साथ उसके अगर नहीं कटती।। ज़िन्दगी उम्र भर नहीं कटती।। उस तरफ फिर भी कट ही जाती है ज़िंदगानी इधर नहीं कटती।। साथ मिलता तो काट लेते हम जीस्त तन्हा मगर नहीं कटती।। ज़िन्दगी क्या कहें कि बिन तेरे अपनी शामो सहर नहीं कटती।। साहनी क्या करे शब-ए-हिज्राँ लाख हों मुख्तसर नहीं कटती।। सुरेश साहनी कानपुर 9451545132
Posts
- Get link
- X
- Other Apps
नाविक ले चल पार नदी के मन्थर मन्थर नाव डुलाते। उस तट पर कुछ मनहर मनहर मीठी मीठी तान सुनाते।। नाविक ले चल..... लहर लहर को छेड़ रही है भँवर द्वेषवश घूम रहा है बचना दूर उधर प्रणायकुल चाँद नदी को चूम रहा है नदी नियंत्रण न खो बैठे अपने तट तक आते आते।। नाविक ले चल....... अभी देखने हैं जीवन के रंग रूपहरे और सुनहरे स्मृतियों के अग्रदूत का सम्मेंलित स्वरूप फिर उभरे घड़ियां मधुर मिलन की बीतें भरते स्मृतियों के खाते।। नाविक ले चल.... सहज दुरूह परिस्थितियों में वातों में झंझावातों में सुख में दुःख में समस्थिति में आघातों में प्रतिघातों में हम तुम संग रहेंगे हिलमिल चलो यहीं हैं नीड़ बनाते।। नाविक ले चल..... सुरेश साहनी कानपुर 9451545132
- Get link
- X
- Other Apps
आपकी बेपर्दगी की बात जाने दीजिये। छोड़िये शर्मिंदगी की बात जाने दीजिये।। हुस्न उनका पा चुका है अब जवालों का उरूज़ इश्क़ के दीवानगी की बात जाने दीजिये।। जबकि दरियाओं की गहराई से हम दो चार हैं उस ज़ुनूने-तिश्नगी की बात जाने दीजिये।। कम से कम इस उम्र में तो दिल्लगी अच्छी नहीं आप और संजीदगी की बात जाने दीजिये।। मर चुकी हैं हसरतें चाहत ख़यालो-ख़्वाब सब अब हमारी ज़िन्दगी की बात जाने दीजिये।। सुरेश साहनी,कानपुर 9451545132