माननीय सांसद महोदय बेलांव घाट टोल प्लाजा के दोहरे हत्याकाण्ड केस में एमपी एमएलए कोर्ट से बाइज्जत बरी किये। इसे न्यायिक प्रविधि का दोष ही कहेंगे कि ऐसे सज्जन जनप्रतिनिधि को अनवरत पन्द्रह वर्ष तक आरोपी के रूप में नाना प्रकार के संताप सहने पड़े।उन्हें हत्यारा क्रूर और बाहुबली कह कर अवमानित किया गया। जबकि माननीय इतने विनम्र हैं कि उन्होंने माननीय न्यायालय और न्यायपालिका के प्रति अगाध आस्था रखते हुये कृतज्ञता जताई।
हमें इस बात का गर्व है कि हम उस राज्य के निवासी हैं जहाँ बड़ी मात्रा में ऐसे लोकप्रिय , विनम्र और जुझारू जनसेवक उपलब्ध हैं। ये और बात है कि नकारा जनता ऐसे भले जनप्रतिनिधियों पर बड़ी मात्रा में मुकदमें लाद कर उनकी सेवा की भावना को आहत करती रहती है।
अब तो यह शंका भी बलवती होने लगी है कि वास्तव मे वे हत्यायें हुई भी थीं या नहीं।क्या पता संजय निषाद और नन्दलाल निषाद नामक व्यक्ति मरे थे कि नहीं। पुलिस को चाहिये कि वह उपरोक्त संदिग्ध मृतकों को अविलंब गिरफ्तार करे ताकि जनता जनार्दन का न्यायपालिका के प्रति विश्वास दृढ़ हो सके और ऐसे किसी भी माननीय को ऐसा कोई भी संताप सहने से बचाया जा सके।
व्यंग्य
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