मेरे दिल से भला क्या वास्ता है।

तुम्हारा शौक है मुझको पता है।।


खिलौने और हैं तुम खूब खेलो

भला दिल से भी कोई खेलता है।।


वो पत्थर है उसे इतना न चाहो

सभी समझेंगे शायद देवता है।।


जिसे तुम सोचते हो सो रहा है

वो चिंतन कर रहा है जागता है।।


उसे दो साल का बच्चा न समझो

वो अब अच्छा बुरा पहचानता  है।।

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