हल कुदाल रेतियाँ हथौड़े

मैं इनको कैसे रख देता

कलम उठाकर रख देता था

 ऐसे में कुछ क्या लिख देता

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील