Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 19, 2022 कब तक दौड़े कितना भागे।कितना सोचे कब तक जागे।।और कोई तो सीमा होगीभरे छलांगें कितना आगे।।भाव के घाव निसह दुखदाईवो ही जाने जिस तन लागे।।ख़ाक में ख़ाक मिलेगी फिर क्यामन भर फूंके जी भर दागे।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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