आओ कि साथ बैठ के पीते हैं जाम फिर।

अपने बिगड़ चुके हुये रिश्ते के नाम फिर।।

सिर लेके अपने हाथ में गुज़रे थे उस गली

कैसे कहें कि खेत मे आएंगे काम फिर।।

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