उसने क्यों तर है मेरा रुमाल नहीं पूछा।

ख़ूब पता है क्यों उसने अहवाल नहीं पूछा।।


क्या पत्थर से शिकवा करते जब आईने ने

देखा समझा फिर भी मेरा हाल नहीं पूछा।।

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