बेशक़ नहीं हैं उसकी तरह महज़बीन हम।

ये और बात है कि नहीं कम हसीन हम।।

बेशक़ है एहतराम भी खैरमकदम भी है

ये और बात उससे नहीं मुतमईन हम।।

 बेशक़ कि लासवाल हैं कुदरत के फैसले

कुछ बात हैं कि उनसे नहीं मुतमईन हम।।

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