मैंने सोचा था भले किरदार को पूजेंगे सब।
क्या पता था एक दिन ऐयार को पूजेंगे सब।।
पैरवी में झूठ की मशरूफ़ हर अख़बार है
कैसे कह दें कल के दिन अख़बार को पूजेंगे सब।।
आज ईसा और मूसा पायेंगे दार-ओ-सलिब
और कल बढ़कर सलीब-ओ-दार को पूजेंगे सब।।
कह के बाज़ारु अदब को कर रहे थे जो ज़लील
क्या पता था कल इसी बाज़ार को पूजेंगे सब।।
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