अगर दिलजू नहीं आये चलेगा
तो दिल काबू नहीं आये चलेगा
मुहब्बत सीख लो इतना बहुत है
कोई जादू नहीं आये चलेगा
ये है काग़ज़ के फूलों का ज़माना
कोई खुशबू नहीं आये चलेगा
मुहब्बत हम की हस्ती में निहाँ है
यहाँ मैं तू नहीं आये चलेगा
ज़ुबाँ दिल की ज़रूरी है सुखन को
भले उर्दू नहीं आये चलेगा
सुरेश साहनी कानपुर
9451545132
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