वसन ऊजरे पहने तन पर मन के काले लोग।

अंदर से शातिर पर दिखते भोले भाले  लोग।।

चरण चाटते क्रांति के नारे देते मिलते हैं

ऊँट की चोरी निहुरे निहुरे करने वाले लोग।।

सुरेश साहनी, कानपुर

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील