किसने बोला हम गुलाम थे

क्राउन किंग हमारा भी था

हिंदुस्तान तुम्हारा था तब 

ग्रेट ब्रिटेन हमारा भी था।।.......


भूल गये जब आधे नङ्गे

गांधी से तुम हार गये थे

गोलमेज के सारे प्रतिनिधि

उस गांधी पर वार गये थे


जिसकी नैतिकता के चलते

विश्वविजेता हारा भी था.......


भूल गये क्या भगत सिंह को

जब लन्दन तक थर्राया था

बहरे अंग्रेजी शासन को

सुनना जिसने सिखलाया था


एक सिंह ने जाकर तुमको

लन्दन में ललकारा भी था.......


अब भी हम शासन करते हैं

यहाँ वहाँ सब दुनिया भर में

अप्प दीप बनकर उजियारा

भरते हैं धरती अम्बर में


कैसे माने सूरज तारों -

के, घर में अंधियारा भी था......


साहनी सुरेश, अदीब, कानपुर

9451545132

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील