चलो हम मान लेते हैं कि हम हैं।

भले दो चार कहते हैं कि हम हैं।।


तुम्हारा क्या पता तुमको पता है

कई ख़ुद को समझते हैं कि हम हैं।।


कि हम क्या हैं हमें मालूम है क्या

मगर हम कहते फिरते हैं कि हम हैं।।

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