Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 04, 2023 गोद तेरी घर आंगन कहाँ तलाशूँ मैं।माँ फिर अपना बचपन कहाँ तलाशूँ मैं।।जो अपनी माटी से बाँधे रखता हैवह भावों का बंधन कहाँ तलाशूँ मैं।।तुमसे तन से ज्यादा मन का नाता हैअब ऐसा आकर्षण कहाँ तलाशूँ मैं।। Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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