बस चमत्कार पर यकीं करिये।

जब भी सरकार पर यकीं करिये।।


अपने परिवार  पर यकीं करिये।

ना कि संसार  पर यकीं करिये।।


दूसरे भी बुरे नहीं लेकिन

अपने किरदार  पर यकीं करिये।।


अब तो खबरें भी झूठ छपती हैं

यूँ न अख़बार  पर यकीं करिये।।


आपने भी ज़मीर बेच दिया

फिर तो दरबार  पर यकीं करिये।।


सुरेश साहनी कानपुर

9451545132

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील

अपरिभाषित