भूल बैठा था मग़र याद आया

फिर मुझे मेरा शहर याद आया


जब ज़रूरत न थी तेग याद रही

 वक़्त पड़ने पे सिपर याद आया


अपने दिल की थी किसे खोज ख़बर

दर्द उठते ही ज़िगर याद आया


दिल में इक दर्द उठा और मुझे

वो तेरा तीरे नज़र याद आया


फिर तेरी राहगुज़र याद आयी

फिर तेरे साथ सफ़र याद आया।।साहनी

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