जन्म जन्म की साध हमारी 

रघुवर इतना तो समझोगे।

फिर भी नाव न चढ़ पाओगे

जब तक पांव न धुलने दोगे।।

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील