जो रह रह ऊबते हैं और होंगे।

हमें फुर्सत कहाँ जो बोर होंगे।।

हमारी फ़ितरतें भी मुख़्तलिफ़ हैं

जो हम इस छोर वो उस छोर होंगे।।

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