बारिशों ने रुत गुलाबी कर दिया।

धुन्ध ने मौसम हिजाबी कर दिया।।

हुस्ने-कुदरत है कि कोई मैक़दा

जिसने दुनिया को शराबी कर दिया।।

चित्र- Praveen Sahani

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