क्या करें डर जाएं सब से और जीना छोड़ दें।

डर से मैखाने न जायें और पीना छोड़ दें।

हद है इक बातिल से डरकर क्यों न् बोलें हक़ हुसैन

क्या करें मक्का न् जायें या मदीना छोड़ दें।।साहनी

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