Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 04, 2023 कलपित हय,हम सोचित हयहम काहे न बे-रोजगार रहे।जन धन खाता हम खुलवायितजेहिमा सब पईसा डारि रहे।हमते बढ़िया हैं रामलालहम मूढ़ वहै हुशियार रहे।अपने बच्चन का पढ़वा केउनहूं के भाग बिगारि रहे।।सुरेश साहनी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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