बेशक़ तुम  इल्ज़ाम लगाओ।

कुछ सर पर इनाम लगाओ।।

माना मेरा मोल नहीं है

कुछ तो सच का दाम लगाओ।।

अब तुम सत्ता में बैठे हो

सच पर खूब लगाम लगाओ।।

डर क्या सैया कोतवाल है

मजलिस सुबहो शाम लगाओ।।

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