और किस्से कहानियों में रहो।

चकल्लसों में जुबानियों में रहो।।

उम्र इतनी दराज़ हो तुमको

सौ बरस तुम जवानियों में रहो।।

Comments

Popular posts from this blog

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील