फिर से अपना रुआब लेना है।

हाँ हमें हर हिसाब लेना है।।


वक़्त ने ही सवाल दागे थे

वक़्त ही से जवाब लेना है।।


इनसे कैलाश छीन कर उनसे

अपना रावी चिनाब लेना है।।


शेष कश्मीर ही नहीं तुझसे

सिंध और पंजआब लेना है।।

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