लब सीने की बात न करना।
विष पीने की बात न करना।।
डर डर कर जीना क्या जीना
यूँ जीने की बात न करना।।
जागी आंखों पर पतियाना
आईने की बात न करना।।
देख के वो अनजान बना उस
नाबीने की बात न करना।।
सुरेश साहनी, कानपुर
ऐश करो बिन्दास जियो तुम
ना जीने की बात न करना।।
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