आने को क़ज़ा हरदिन दर पे मेरे आती है।

इस दिल में तुम्हे पाकर आके चली जाती है।।

जब तुम ही नहीं होंगे फिर चाहे कोई आये

तुम से ही अंधेरों में दिल के दिया बाती है।।सुरेशसाहनी

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