हमारा साथ भले उम्र भर रहे  रहे।
मेरी दुआओं में इतना असर रहे  रहे।
मैं हर कदम पे तुम्हे रास्ता बताऊंगा
ये और बात कि तुम को खबर रहे  रहे।।
तुम्हे भी हुस्न पे इतना गुरुर ठीक नहीं
ये जिस्म क्या है किराये का घर रहे  रहे।।
खुद तो फानी है मगर फ़िक्र हैं तो किसकी है
ये घर मकान ये जमीनों-जर रहे  रहे।।
परिंदे रोज ठिकाना नया बदलते हैं
वो जानते हैं कि कल ये शजर रहे  रहे।।
इन निगाहों में रख मुकाम रास्ते को नहीं
बदलते वक्त में ये रहगुजर रहे  रहे।।
गए जमाने के सिक्कों को कौन लेता है
भिखारियों का भी आना इधर रहे  रहे।।
मेरी मजार बनाओ मेरे रकीबों में
हमारा चाहने वाला उधर रहे  रहे।।
अब  तो इश्क पे बंदिश  हुस्न का पर्दा
खुदा रहम करे उसका भी डर रहे  रहे।।

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