किसने रोका है आप हल करिये।



किसने रोका है आप हल करिये।
आगे बढिए कोई पहल करिये।।
कितनी दुश्वारियां हैं दुनिया में
आप बस एक ही सहल करिये।।
आप तशरीफ़ क्यों नहीं रखते
आदतों में ज़रा बदल करिये।।
आपसे कुछ असल किया न गया
सबकी अच्छाईयां नकल करिये।।
अब न आएंगे और अच्छे दिन
शौक से इंतज़ार-ए-कल करिये।।
मौत का एक दिन मुअय्यन है
रात की जिंदगी सफल करिये।।

Comments

Popular posts from this blog

रेप और बलात्कार

भोजपुरी लोकगीत --गायक-मुहम्मद खलील